खूब पढ़ी कानून की किताब, पर वकालत नहीं की, बिजनेस करना था इसलिए चपरासी भी बने

पिडिलाइट इंडस्ट्री के फाउंडर बलवंत पारेख ने कानून की पढ़ाई की, लेकिन उनका सपना बिजनेसमैन बनने का था इसलिए उन्होंने नौकरी नहीं की. 1959 में उद्योग जगत में कदम रखा और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा.

from मनी News in Hindi, मनी Latest News, मनी News https://ift.tt/Zb0JLnA

Comments

Popular posts from this blog

Petrol-Diesel Price Today: आज भी बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, अक्टूबर में पेट्रोल 5 रु. से ज्यादा महंगा हुआ

Go First ने श्रीनगर-शारजाह के बीच शुरू की डायरेक्ट फ्लाइट, जानिए डिटेल

आपके PF के पैसे पर आ सकता है संकट अगर शेयर किया इनमें से कोई नंबर, EPFO ने जारी की ये सूचना